१५ अगस्त, १९४७ भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। लम्बे समय से ब्रिटिश शासन से दबा भारत अपनी आजादी हासिल की। एक नए राष्ट्र का जन्म हुआ तब से १५ अगस्त को भारत में स्वंत्रता दिवस हर साल मनाया जाता है। १५ अगस्त, स्वंत्रता दिवस, त्याग और ख़ुशी के मुड स्वंतंत्रता सेनानियों द्वारा सामना के बारे में हमें याद दिलाते हैं। यह एक राष्ट्रीय छुट्टी है। इस दिन स्कूल, कालेजों और गाँवों में झंडावंदन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिता किया जाता है।। आमतौर पर स्वंत्रता विषय पर आधारित होता है। प्रधानमंत्री, दिल्ली के एतिहासिक स्मारक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज को झंडावंदन करते है। देश के विकास और परिवर्तन के बारे में भाषण देते है।

आज हमारा भारत ६४ वां स्वंत्रता दिवस मना रहा है। हमारे देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए कितने देश भक्तों ने अपनी क़ुरबानी दिए। वे अपनी महानता और वीरता को हमारे इतिहास के पन्ने पर अपना नाम जर दिए। जिसको भारत के लोग कभी भुला नहीं सकता है। आज हमलोग अपने देश में स्वंत्रत रूप से साँस ले रहे हैं, तो उसका सारा श्रेय उन देश भक्तों को जाता है। जिनका अपना स्वार्थ कुछ नहीं था, लेकिन अपनी मातृभूमि को आजाद दिलाने के लिए हँसते-हँसते अपना बलिदान दे दिया। दुःख इस बात की है की वे लोग अपने आजाद भारत को देख नहीं पाए। लेकिन उनकी महानता, बलिदान और देश के लिए प्रेम कभी मिट नहीं सकता है। क्योंकि, हमारे भारत के शुरूआती पढ़ाई में ही देश के बच्चो को इन महान व्यक्तिओं के बारे अच्छी तरह ज्ञान दे दिया जाता है। जिससे अपने देश में स्वतंत्र रूप से जीवन बिता सके और अपने देश को बाहरी और आन्तरिक विपदा से बचा सके। जिससे भारत के लोगों में राष्ट्र प्रेम की भावना पीढ़ी दर पीढ़ी बना रहे।


आज भी भारत के गाँवों में स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमे उन वीर देशभक्तों के बारे में छोटे-छोटे नाटक का आयोजन किया जाता है। गाँव की सभी लोग शामिल होते हैं। स्कूल के बच्चे सुबह ५ बजे उठकर, अपना समूह बनाकर गाँव के गली-गली घूमकर देशभक्ति नारा लगते है। इस दिन बच्चे के अन्दर काफी खुशियाँ होता है। चारों तरफ तिरंगे का रंग समाज में एक नया उमंग पैदा कर देता है। जगह-जगह बाजे से राष्ट्रीय गीत समाज के वातावरण को भिन्गों कर देश प्रेम का उत्तेंजना पैदा कर देता है। घरों में, रेडिओ, टीवी हर जगह स्वतंत्रता दिवस का गाना और कार्यक्रम चलता रहता है। राष्ट्रीय गीत सुनकर लोगों में देश के लिए बलिदान देने की होसला पैदा जाता है। इस दिन समाज के छोटे-बड़े सभी के दिल में देश प्रेम की भावना जागृत हो जाता है।